तेहरानः ईरान के सिक्योरिटी हेड अली लारीजानी के बाद खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब के भी मारे जाने की पुष्टि हो गई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इस्माइल खातिब और लारीजानी की मौत पर गहरा दुख जाहिर किया है। उन्होंने इस इजरायल और अमेरिका द्वारा कायरतापूर्ण हत्या बताया है। राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा कि वह अपने इन नेताओं की मौत से गहरे शोक में डूब गए हैं। इस्माइल खातिब और लारीजानी की हत्या से ईरान को बहुत बड़ा झटका लगा है।
पेजेश्कियन ने एक्स पर लिखा, "मेरे प्रिय सहयोगियों इस्माइल खातिब, अली लारीजानी और अजीज नसीरजादेह की उनके कुछ परिवारजनों और साथी टीम के सदस्यों के साथ कायरतापूर्ण हत्या ने हमें गहरे शोक में डुबो गया है। मैं ईरान के महान लोगों को दो कैबिनेट मंत्रियों, शुरा के सचिव तथा सैन्य और बसीज कमांडरों की शहादत पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि उनकी राह पहले से भी अधिक दृढ़ता और समर्पण के साथ आगे बढ़ती रहेगी।"
IDF के ताजा हमले में मारे गए इस्माइल खातिब ईरान के खुफिया मंत्रालय (MOIS) के प्रमुख थे। इजरायली सूत्रों के अनुसार उनके साथ मंत्रालय के चार अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी ढेर हो गए। उनका जन्म 1961 में ईरान के दक्षिणी खोरासान प्रांत क़ाएन में हुआ था। वे एक शिया मौलवी (क्लेरिक) थे। 1980 के दशक में इस्लामिक रिवोल्यूशन के बाद उन्होंने IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) की इंटेलिजेंस यूनिट में काम शुरू किया। 1990 के दशक में MOIS (खुफिया मंत्रालय) में विभिन्न पदों पर रहे, खासकर क़ोम में इंटेलिजेंस चीफ रहे। 2010 में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के ऑफिस में सुरक्षा प्रमुख बने। वे पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के बहुत करीबी माने जाते थे और कठोर लाइन वाले सुरक्षा अधिकारी थे। उनके कार्यकाल में ईरान के आंतरिक विरोध प्रदर्शनों (protests) के दमन, साइबर गतिविधियों और विदेशी खुफिया ऑपरेशनों से जुड़े रहे।
पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के बाद अली लारीजानी ईरान के मजबूत पिलर में से एक थे। मंगलवार को ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी की भी इजरायल ने हत्या कर दी। लारीजानी की मौत की पुष्टि ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने भी कर दी है। अब ईरान के खुफिया मंत्री खातिब की मौत का भी इजरायल ने दावा कर दिया है। यह ईरान के लिए बहुत बड़ा झटका है। अली लारीजानी ईरान की सुरक्षा नीतियों के प्रमुख चेहरा थे। वे पश्चिमी देशों के साथ परमाणु वार्ता में भी शामिल रहे थे। इजरायल ने उन्हें “शासन के प्रभावी नेता” बताया था। उनके साथ उनके बेटे मोर्तेज़ा लारीजानी और ऑफिस प्रमुख अलिरेज़ा बयात भी मारे गए।